चमार ब्रांड CHAMAR BRAND
शहरों में रह कर भले ही हम प्रगतिशीलता का पैरहन ओढ़ कर आधुनिक सोच के मालिक कहे जाएं लेकिन सच तो यही है कि जातिवादी सोच आज भी देश के कई इलाकों में मजबूत पकड़ बनाए है. किसी को भी उसकी जाति के नाम से संबोधित करना और नीचा दिखाना देश के कई इलाकों में आम बात है. लोगों ने जिस नाम से चिढ़ाया सुधीर ने उसी को ब्रांड बना लिया प्रगतिशील सोच रखने वाले ये तो सोचते हैं कि ये जातिवाद खत्म होना चाहिए लेकिन इसका सटीक हल किसी के पास नहीं. ऐसे में इसका हल वही निकाल सकता है जिसने इस चुभन को महसूस किया है और इस अपमान को जिया है. ठीक उसी तरह जिस तरह सुधीर राजभर ने ये अपमान महसूस किया और फिर इस अपमान को सम्मान बनाने की कोशिश में जुट गए. सुधीर बचपन से ही जातिगत तंज सुनते आए हैं. उन्हें उनकी जाति का नाम लेकर संबोधित किया जाता था, चिढ़ाया जाता था. अब समय बीतने के साथ सुधीर ने इसी जातिगत तंज को एक ब्रांड में बदल दिया है. आज सुधीर का ‘CHAMAR’ ब्रांड देश के साथ साथ विदेशों में भी सफल हो रहा है. इस ब्रांड के अंतर्गत सुधीर बैग और बेल्ट बनाते हैं. इस ब्रांड की खास बात ये है कि ये इको फ्रेंडली और हैंडमेड है...