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Showing posts from November, 2022

चमार ब्रांड CHAMAR BRAND

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शहरों में रह कर भले ही हम प्रगतिशीलता का पैरहन ओढ़ कर आधुनिक सोच के मालिक कहे जाएं लेकिन सच तो यही है कि जातिवादी सोच आज भी देश के कई इलाकों में मजबूत पकड़ बनाए है. किसी को भी उसकी जाति के नाम से संबोधित करना और नीचा दिखाना देश के कई इलाकों में आम बात है.  लोगों ने जिस नाम से चिढ़ाया सुधीर ने उसी को ब्रांड बना लिया  प्रगतिशील सोच रखने वाले ये तो सोचते हैं कि ये जातिवाद खत्म होना चाहिए लेकिन इसका सटीक हल किसी के पास नहीं. ऐसे में इसका हल वही निकाल सकता है जिसने इस चुभन को महसूस किया है और इस अपमान को जिया है. ठीक उसी तरह जिस तरह सुधीर राजभर ने ये अपमान महसूस किया और फिर इस अपमान को सम्मान बनाने की कोशिश में जुट गए. सुधीर बचपन से ही जातिगत तंज सुनते आए हैं. उन्हें उनकी जाति का नाम लेकर संबोधित किया जाता था, चिढ़ाया जाता था. अब समय बीतने के साथ सुधीर ने इसी जातिगत तंज को एक ब्रांड में बदल दिया है.  आज सुधीर का ‘CHAMAR’ ब्रांड देश के साथ साथ विदेशों में भी सफल हो रहा है. इस ब्रांड के अंतर्गत सुधीर बैग और बेल्ट बनाते हैं. इस ब्रांड की खास बात ये है कि ये इको फ्रेंडली और हैंडमेड है...

ਬਾਣੀ ਸਤਿਗੁਰੂ ਰਵੀਦਾਸ ਜੀਉ ਕੀ - ੪੦ ਸ਼ਬਦ ਅਤੇ ੧ ਸਲੋਕ

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  ਸਤਿਗੁਰੂ ਰਵਿਦਾਸ ਜੀ ਦੇ ੪੦ ਸ਼ਬਦ ਅਤੇ ੧ ਸਲੋਕ ੧੬ ਰਾਗਾਂ ਚ ਦਰਜ ਹਨ, ਬਾਣੀ ਦ ਸਮੁੱਚਾ ਭਾਵ ਜੰਮਣ  ਮਰਣ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਦੀ ਅਰਾਧਨਾ ਕਰਨੀ ਅਤੇ ਗੁਰਮੁਖਾ ਜੀਵਨ ਜੀਊਣ ਦੀ ਪ੍ਰੇਰਣਾ ਹੈ । ੧ - ਤੋਹੀ ਮੋਹੀ ਮੋਹੀ ਤੋਹੀ ਅੰਤਰੁ ਕੈਸਾ॥ ਕਨਕ ਕਟਿਕ ਜਲ ਤਰੰਗ ਜੈਸਾ ॥ ੨ - ਮੇਰੀ ਸੰਗਤਿ ਪੋਚ ਸੋਚ ਦਿਨੁ ਰਾਤੀ॥ ਮੇਰਾ ਕਰਮੁ ਕੁਟਿਲਤਾ ਜਨਮੁ ਕੁਭਾਂਤੀ ॥  ੩ - ਬੇਗਮਪੁਰਾ ਸਹਰ ਕੋ ਨਾਉ॥ ਦੂਖੁ ਅੰਦੋਹੁ ਨਹੀ ਤਿਹਿ ਠਾਉ ॥ ੪ - ਘਟ ਅਵਘਟ ਡੂਗਰ ਘਣਾ ਇਕੁ ਨਿਰਗੁਣ ਬੈਲੁ ਹਮਾਰ ॥ ੫ - ਕੂਪੁ ਭਰਿਓ ਜੈਸੇ ਦਾਦਿਰਾ ਕਛੁ ਦੇਸੁ ਬਿਦੇਸੁ ਨ ਬੂਝ ॥  ੬ - ਸਤਜੁਗਿ ਸਤੁ ਤੇਤਾ ਜਗੀ ਦੁਆਪਰਿ ਪੂਜਾਚਾਰ ॥  ੭ - ਮ੍ਰਿਗ ਮੀਨ ਭ੍ਰਿੰਗ ਪਤੰਗ ਕੁੰਚਰ ਏਕ ਦੋਖ ਬਿਨਾਸ ॥  ੮ - ਸੰਤ ਤੁਝੀ ਤਨੁ ਸੰਗਤਿ ਪ੍ਰਾਨ ॥  ੯ - ਤੁਮ ਚੰਦਨ ਹਮ ਇਰੰਡ ਬਾਪੁਰੈ ਸੰਗਿ ਤੁਮਾਰੈ ਬਾਸਾ ॥  ੧੦ - ਕਹਾ ਭਇਓ ਜਉ ਤਨੁ ਭਇਓ ਛਿਨੁ ਛਿਨੁ ॥  ੧੧ - ਹਰਿ ਹਰਿ ਹਰਿ ਹਰਿ ਹਰਿ ਹਰਿ ਹਰੇ ॥  ੧੨ - ਮਾਟੀ ਕੋ ਪੁਤਰਾ ਕੈਸੇ ਨਚਤੁ ਹੈ ॥  ੧੩ - ਦੂਧੁ ਤ ਬਛਰੈ ਥਨਹੁ ਬਿਟਾਰਿਓ॥ ਫੂਲ ਭਵਰਿ ਜਲੁ ਮੀਨਿ ਬਿਗਾਰਿਓ ॥  ੧੪ - ਜਬ ਹਮ ਹੋਤੇ ਤਬ ਤੂ ਨਾਹੀ ਅਬ ਤੂਹੀ ਮੈ ਨਾਹੀ ॥  ੧੫ - ਜਉ ਹਮ ਬਾਧੈ ਮੋਹਿ ਫਾਸ ਹਮ ਪ੍ਰੇਮ ਬਧਨਿ ਤੁਮ ਬਾਧੈ ॥  ੧੬ - ਦੁਲਭ ਜਨਮ ਪੁੰਨ ਫਲ ਪਾਇਓ ਬਿਰਥਾ ਜਾਤ ਅਬਿਬੇਕੈ ॥  ੧੭- ਸੁਖ...

Banke Chamar (बांके चमार)

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बाँके चमार 1857 की क्रांति की जौनपुर क्रांति के मुखिया थे। बाँके जी अट्ठारह सौ सत्तावन के विद्रोह के महान स्वतंत्रता सेनानी थे ।यद्यपि यह क्रांति विफल हो गई थी। बाँके चमार का जन्म जौनपुर जिले की मछली तहसील के गाँव कुंवरपुर में हुआ था। 1857 की जौनपुर क्रांति के नेता थे हरपाल सिंह और हरपाल सिंह बांके चमार पर बहुत विश्वास करते थे। हरपाल सिंह इनकी सूझबूझ और वीरता के कायल थे।  अभी हाल ही में भारत ने अपना 76 वां स्वतंत्रता दिवस बनाया है ।आजादी के 75 वर्ष में हमने अमृत महोत्सव मनाया था। और अब आगामी 25 वर्ष तक आजादी का अमृत काल चल रहा है। आज का भारत विश्व में अपनी नई पहचान बना रहा है। आत्मनिर्भर होकर विकास की राह पर चल रहा है । विज्ञान में भी दिनोंदिन उन्नति कर रहा है। अंतरिक्ष में भी अपने पाँव जमा चुका है। अपनी रक्षा के लिए अनेकों स्वदेशी हथियार भी विकसित कर रहा है ।अनेक तरह से अपनी योग्यता, आत्मनिर्भरता और विकास को धार दे रहा है। अपनी विदेश नीति और कूटनीति का लोहा मनवा रहा है। आज देश में हर भारतीय अपनी शर्तों सिद्धांतों के साथ जीने के लिए स्वतंत्र है। हम खुलकर आजादी से साँस ले रहे ह...

सम्राटअशोक की जीवनी : Samrat Ashoka History

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संसार के इतिहास में केवल 3 राजाओं को ही उनके नाम के साथ  ‘महान’ कहकर सम्भोदित किया जाता है एक अलेक्जेंडर दुसरे अकबर और हमारे अपने महान समराट अशोका   भारत का सम्पूर्ण इतिहास विदेशिओं द्वारा हारने का इतिहास है केवल बौध मत के रहा अशोक ही एक्मात्र ऐसे मूल भारतीय राजा हुए जिन्होंने सरे हुन्दुस्तान समेत आज का नेपाल बांग्लादेश पाकिस्तान और अफगानिस्तान अदि को एक देश और एक झंडे के नीचे जीत लिए थे। केवल जीता ही नहीं बल्कि अपनी प्रजा को अपने बच्चों के समान प्रेम किया और बेहतरीन सुशाशन दिया जिसकी याद में आज भी हमारा रास्ट्र चिन्ह अशोक स्थंभ और झंडे पर अशोक चक्र है । संसार के इतिहास में केवल 3 राजाओं को ही उनके नाम के साथ  ‘महान’ कहकर सम्भोदित किया जाता है एक अलेक्जेंडर दुसरे अकबर और हमारे अपने महान समराट  अशोक सम्राट अशोक को अपने विस्तृत साम्राज्य के बेहतर कुशल प्रशासन तथा बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए जाना जाता है। जीवन के उत्तरार्ध में अशोक गौतम बुद्ध के भक्त हो गए और उन्हीं (महात्मा बुद्ध) की स्मृति में उन्होंने एक स्तम्भ खड़ा कर दिया जो आज भी नेपाल में उनके जन्मस्थल-लुम्ब...