मान्यवर दीना भाना जी - बामसेफ एवंम बहुजन आंदोलन की नींव के पथ्थर
राजस्थान राज्य की राजधानी जयपुर से 40 कि.मी. दूर वागास गाँव में माननीय भाना वाल्मीकि के घर 28.2.1928 को दीनाभाना का जन्म हुआ, पहले बच्चे का नाम दीनानाथ रखा गया लेकिन बाद में नाथ हटाकर उनके नाम के अंत में उनके पिता का नाम भाना लगाकर उनका नाम दीनाभाना कर दिया। उसी दौरान भारत की सामाजिक, शैक्षणिक तथा राजनीतिक स्थिति का आकलन करने के लिए तीन फरवरी 1928 को ब्रिटिश सरकार द्वारा नियुक्त ‘साइमन कमीशन’ भारत पहुंचा जिससे सारे देश में उथल पुथल मच गई। जहां एक ओर गांधी व कांग्रेस के नेता साइमन कमीशन के बहिष्कार व असहयोग की योजना बना रहे थे, वहीं दूसरी ओर दलित तथा पिछड़ी जातियों के नेता साइमन कमीशन के आगमन से खुश थे, उत्साहित थे तथा कमीशन के सदस्यों के स्वागत की तैयारी कर रहे थे। उस समय राजस्थान में जातिय भेदभाव चरम सीमा पर था। भंगी की परछाई से भी लोग कतराते थे। स्कूलों का दरवाजा इनके लिए बंद था। दीनाभाना जी जब 14-15 साल के हुए तो उनके सामने एक घटना घटी। दीना भाना जी के पिता ने गाँव के एक जाट को पशुओं को चारा खिलाने के लिए ढकोला (हौद) बनाकर दिया। काफी समय तक जाट उसका पैसा नहीं दे पाया। उसने पैसे के बद...