तुगलकाबाद गुरु रविदास मंदिर का इतिहास

जानें रविदास मंदिर का इतिहास  



1 मार्च 1509 
दिल्ली के तत्कालीन सुल्तान सिंकदर लोधी ने जमीन का एक टुकड़ा गुरु रविदास को दान किया। 

1509 
गुरु रविदास के समर्थकों द्वारा जमीन पर एक तालाब और एक आश्रम बनाया गया। 

1949-1954 
गुरु रविदास के समर्थकों ने गुरु रविदास जयंती समारोह समिति के अंतर्गत वहां एक मंदिर का निर्माण किया। 

1959 
तत्कालीन रेलवे मंत्री बाबू जगजीवन राम ने इस मंदिर का उद्घाटन किया। 

9 अगस्त 2019 
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गुरु रविदास जयंती समारोह समिति ने शीर्ष अदालत के आदेश के बावजूद जंगली इलाके को खाली नहीं करके गंभीर उल्लंघन किया है। गुरु रविदास जयंती समारोह समिति बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के बीच सुप्रीम कोर्ट में केस में सर्वोच्च अदालत ने डीडीए से 10 अगस्त तक वहां से निर्माण को हटाने का आदेश दिया था। 

10 अगस्त 2019 
डीडीए ने निर्माण को हटाया। 

12 अगस्त 2019 
आप के सीनियर लीडर और दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि देश में करोड़ों लोग संत रविदास पर आस्था रखते हैं और लोगों की आस्था का ध्यान रखते हुए यहां मंदिर को पुन: स्थापित कराया जाना चाहिए। 





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